Poet: ना मै शायर हुं ना मै कवी हुं ऐ

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ना मै शायर हुं ना मै कवी हुं ऐ

ऐ जानम सुन जरा
ना मैं कवी हुं ना मैं शायर हुं
बस तेरे प्यार में एक पागल हुं
इतना ही तुझे कहेन था
तेरी याद के सिवा अब तो 
दिल में कुछ भी
रखना ही नहीं था

"aaba"
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Copyrite proected


Comments

  1. अप्रतिम रचना 👌🏻👌🏻👌🏻

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